वास्तु और वृक्ष
पौधे हमारे जीवन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं या यूँ कहें कि यह हमारे जीवन के लिए बहुत आवश्यक है।
पौधे हमारे जीवन के लिए अपने अस्तित्व को न्योछावर कर देते हैं। यह हमारे लिए बेहद महत्वपूर्ण अलग-अलग क्षेत्रों में जैसे फल-फूल,औषधि,इमारती लकड़ी,अन्न,कागज,बीज आदि से योगदान प्रदान करते हैं
घर के लिए 12 शुभ वृक्ष
कुछ पौधे तो ऐसे भी हैं जो तंत्र शास्त्र में और वास्तुदोष में अपनी भूमिका निभाते हैं ऐसे बहुत से पौधे हैं आज जो इन पौधों के बारे में जानकारी रखते हैं वह अपने घरों में इन पौधों को लगाकर लाभ प्राप्त कर रहे हैं। आइए हम इन पौधों के बारे में चर्चा करते हैं।
शमी का पौधा
शमी का पौधा वैसे तो शिव से लेकर गणेशजी तक सभी देवी देवताओं को प्रिय है। परन्तु इसको विशेष रूप से शनि देव या शनि ग्रह से जोड़ा गया है। ऐसा विद्वानों का मत है। परन्तु मेरा जो अनुभव है जो इसे अपने घर सही दिशा के अनुसार लगाता है तो वास्तुदोष तो दूर होता ही है पर उसके घर और व्यापार में बहुमुखी तरक्की होती है।इसको घर में इस तरह लगाये कि घर से निकलते समय यह आपके दाहिनी ओर हो और रोजाना इसके दर्शन हो।शनिवार के दिन इसके नीचे सरसों के तेल का दीपक प्रज्वलित करना चाहिए और अपने समस्त पापों की क्षमा याचना मांग कर मंगल कामना करना चाहिए। यह बहुत ही महत्वपूर्ण पौधा है। यह धन को चुम्बक की तरह अपनी ओर खींच लेता है।
काली हल्दी का पौधा
यह पौधा भी तंत्र शास्त्र में अपना विशेष महत्त्व रखता है। यह काली हल्दी का पौधा है। काली हल्दी का तिलक लगाने से सम्मोहन शक्ति बढ़ती है।व्यक्ति समाज में विशेष स्थान प्राप्त करता है। इसकी जड़ में अपनी लम्बाई के बराबर मोली (कलावा) शुक्रवार के दिन बांधने के बाद इसे शुद्ध जल से स्नान करायें तो साधक की एक इच्छा अवश्य पूरी होती है।
क्रेशुला का पौधा
क्रेशुला एक विशेष प्रकार की घास होती है यह जिस घर मे होती है उस घर में पैसा चुम्बक की तरह अपनी ओर खिचा चला आता है। यह एक अद्भुत किस्म की शक्ति अपने पास रखती है। इसकी पत्ती काफी चिकनी होती हैं। यह प्रायः आपको कुछ कोठियो मे लगी मिलती है।
लाल कनेर का फूल
लाल कनेर का फूल गणेश भगवान को प्रसन्न करने के लिए प्रयोग किया जाता है। जो व्यक्ति प्रतिदिन इन पुष्पों को गणेश जी को अर्पित करता है गणेश जी उसके सभी मनोरथ पूर्ण करते हैं।अगर किसी के यहाँ श्वेतार्क गणेशजी हैं तो उस तो अपनी पूजा गणेश जी के पुष्पों को अवश्य अर्पित करना चाहिए।
पीपल का वृक्ष
आप ने पीपल का नाम तो काफी सुना होगा। वास्तव में इस वृक्ष को शास्त्रों के अनुसार भगवान विष्णु का वृक्ष माना गया है। इस वृक्ष की सेवा करके अपने पापों से मुक्ति पायी जा सकती है। यह दीर्घ आयु वाला वृक्ष होता है। इसके नीचे पूजा करके अपने मनोरथ व्यक्ति पूर्ण कर लेता है। इसकी जड़ में कच्चा दूध और जल प्रतिदिन चढ़ाने से घर में समृद्धि बढ़ने लगती है।
तुलसी का पौधा
तुलसी के पौधे को कौन नहीं जानता होगा?इसके अनेक फायदे हैं। यह औषधि युक्त पौधा तो है ही परन्तु इसके साथ यह शुभता का प्रतीक है और यह घर के समस्त वास्तुदोष भी दूर करता है। इसकी लोकप्रियता बहुत है। इसका वर्णन तो पवित्र ग्रन्थों में भी है। इस पौधे पर स्नान करने बाद प्रतिदिन जल चढ़ाना चाहिए। इसकी माला बनाकर लोग पूजा में प्रयोग करते हैं।
नागदमन का पौधा
नागदमन एक बहुत ही दुर्लभ पौधा है। ऐसा माना जाता है कि यह नागों का दमन कर देता है इसलिए नाग इस पौधे के आसपास भी नहीं भटकते।इसका भी तंत्र शास्त्र में प्रयोग होता है। इस पौधे की जड़ को शुभ नक्षत्र और दिन में ग्रहण कर दुकान या घर के दरवाजे पर टांगने मात्र से ही काला जादू और नकारात्मक ऊर्जा दूर भागते हैं। किया कराया खत्म हो जाता है और जहां यह होता है वहां स्वतः ही समृद्धि आने लगती है।
मनीप्लान्ट पौधा
इस पौधे से भी बहुत लोग परिचित हैं। यह पौधा धन को चुम्बक की तरह अपनी ओर खींच लेता है। अलग-अलग लोग के मत इस पौधे के बारे में है। कोई कहता है कि चोरी करके इस पौधे को लगाना चाहिए और कोई कहता है कि खरीद कर लगाये। मत कोई भी हो लेकिन समृद्धि लानी है तो इसे जरूर लगाये।
बरगद वृक्ष
बरगद वृक्ष
बरगद वृक्ष के बारे में आपने अवश्य ही सुना होगा। बहुत से महापुरुषों ने इसके नीचे ज्ञान प्राप्त किया है। यह वृक्ष ब्रह्मा जी का प्रतीक माना गया है है। यह वृक्ष अनेक विद्वानों को सिद्धि प्रदान करने के लिए सहायक है। और यह औषधि युक्त पौधा तो है ही परन्तु इसके साथ यह शुभ कार्य कराने सहायता करता है।इस वृक्ष को लगाकर सींचने वाला समस्त पापों से मुक्ति पा जाता है ऐसा शास्त्रों में उल्लेख है।
अपराजिता
हत्था जोड़ी का पौधा
हत्था जोड़ी का पौधा एक दुर्लभ पौधा है। इस पौधे का तंत्र शास्त्र में विशेष स्थान है। इसकी असली जड़ यदि किसी को मिला जाये तो समझलो लक्ष्मी और चामुंडा देवी की कृपा हो गयी।वह व्यक्ति कभी भी कोर्ट केस नहीं हारेगा और ना ही कानूनी पचड़े में फसेगा।सम्मोहन शक्ति इतनी तेज होगी कि पल भर में हर किसी को अपना बना लेगा।इस जड़ को दीपावली के दिन सिद्ध करलें।
भोजपत्र
भोजपत्र
भोजपत्र का तंत्र और मंत्र सभी बहुत ही प्रयोग होता है इसलिए इसका तंत्र शास्त्र में विशेष स्थान है। जितने भी यंत्र और ताबीज़ बनाये जाते हैं उनमें लगभग सभी में इसे प्रयोग करते हैं। इस पर बना यंत्र बहुत जल्दी ही फल देने लगता है। यह एक भोजपत्र नाम के पौधे की छाल की पर्त होती है जो काम में लायी जाती है।
आशा करता हूँ कि यह जानकारी आपको पसन्द आयी होगी। मित्रों फिर मिलूंगा एक नई जानकारी के साथ तब तक के लिए नमस्कार ..........










