गजब के अनुभवी उपाय

*यदि मनुष्य सुबह जागकर अपनी स्नान आदि की क्रिया करके सन्ध्या समय अर्थात जब सूर्य लालिमा लिए हो तब ऊँ बीज मंत्र का जाप करे तो वह शारीरिक रूप से स्वस्थ हो जायेगा और उसका आज्ञा चक्र जल्दी ही जाग जायेगा।ध्यान रहे मन की पवित्रता इसमें बहुत आवश्यक है।परमात्मा की प्राप्ति के मार्ग खुलने लगेंगे।

*यदि किसी को शत्रु अनावश्यक रूप से परेशान कर रहा है तो वह व्यक्ति श्वेत मंदार के पत्ते पर उसी की कलम से केशर से उस शत्रु का नाम लिखकर हवन करें तो उस शत्रु परमात्मा के अलावा कोई भी नहीं बचा सकता है।


*श्वेत मंदार की कलम से बनाये गये यंत्र और मंत्र बहुत जल्दी असर करते हैं।


*यदि 43 दिनों तक बबूल के पेड़ की जड़ में गंगा जल चढ़ा कर एक लड्डू रखा जाये और अदृश्य शक्ति से अपना प्रयोजन बोला जाये तो वह बहुत जल्द पूरा हो जाता है।


*साम के समय सूर्य छिपने ही वाला हो तब परमात्मा का ध्यान करते हुए गायत्री मंत्र का जाप करे तो व्यक्ति कई शक्तियों का मालिक बनता है।परन्तु  शुद्धता का ध्यान रखना चाहिए।


*श्वेत अपामार्ग की जड़ का माथे पर लेपन करके रात्रि समय में दीपक त्राटक करने और ऊँ बीज मंत्र का जाप करने से स्मरण शक्ति इतनी तेज हो जाती है कि एक बार पढ़ा हुआ बहुत दिनों तक मस्तिष्क में रहता है।


*यदि हल्के गुनगुने पानी में देशी घी डाल कर मुँह पर लगाये तो चेहरे का ओज बढ़ता है और आकर्षण भी।


*सुबह को नहाते समय मुँह में पानी भरकर पानी भरी बाल्टी में मुँह डुबाकर आँखों को बन्द और खोला जाये उसके बाद हल्के हल्के तोलिया से पानी निकाल दें। आँखों की रोशनी बढ़ जायेगी।


*चींटियों को सात प्रकार की दालों का आटा भूनकर उसमें काले तिल और मीठा मिलाकर खिलाने से समस्त ग्रह शान्त रहते हैं। समृद्धि बढ़ती है।


*सात पीली कौड़ी और लाल त्रिकोण नये वाहन में लगाने से दुर्घटनाओं न होने में सहायता मिलती है।


*ऊँ  ब्रजी बीज मंत्र का जाप 108 बार प्रतिदिन करे तो व्यक्ति कई प्रकार की ऋद्धि-सिद्धि प्राप्त करता है।


* ताँबे के बर्तन में 12 घण्टे से अधिक रखा हुआ पानी पीने से व्यक्ति की कई बीमारियों का नाश होता है।


*कीकर की दातुन करने से दाँतो में होने वाले कई रोगों का नाश होता है।

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