नौ ग्रहों की जानकारी भाग 2

इस तरह से ग्रहों को आसानी से समझा जा सकता है।

बृहस्पति

अपना घर  : 9
मन्द घर  : 6,7,10
श्रेष्ठ घर  : 2,5,8,9,12
रंग : पीला
8सम ग्रह  : राहु और केतु,शनि
मित्र ग्रह  : चंद्र, सूर्य,मंगल
शत्रु ग्रह  : बुध, शुक्र
बनावटी ग्रह  : सूर्य + बुध
नीच घर : दसवां
उच्च घर  : चौथा
समय  : सूर्योदय से 8 बजे तक
कष्ट : श्वास सम्बन्धी रोग
दिन : बृहस्पतिवार
देवता  : ब्रह्मा
गुण  : हवा, आत्मा, गुरू, सांस,पिता
धातु  : सोना, पुखराज
निवास : मन्दिर, मस्जिद, गुरूद्वारा, चर्च
मंत्र : ऊँ बृं बृहस्पतये नमः

शुक्र ग्रह

अपना घर : 7
मंद घर  : 1,6,9
श्रेष्ठ घर  : 2,3,4,7,12
रंग : सफेद
मित्र ग्रह  : बुध,शनि,केतु
शत्रु ग्रह  : राहु,सूर्य,चन्द्र
बनावटी ग्रह   : राहु + केतु
नीच घर  : छठवां
उच्च घर  : बारहवें घर में
समय  : दोपहर
होने वाला कष्ट  : वीर्य सम्बन्धी समस्या
गुण : उत्साह,भाई,खाना-पीना,हौसला
धातु  : हीरा,मोती,अभ्रक,चाँदी
देवता : लक्ष्मी
दिन : शुक्रवार
निवास  : नाट्य गृह,शय्या घर,श्रृंगार गृह
मंत्र : ऊँ  ह्रीं श्रीं शुक्राय नमः

शनि ग्रह

अपना घर  : 10
मंद घर  : 1,4,5,6
श्रेष्ठ घर  : 1,3,7,12
रंग  : काला- सियाह
मित्र ग्रह : बुध,शुक्र,राहु
शत्रु ग्रह : सूर्य,चन्द्र,मंगल
बनावटी ग्रह
केतु स्वभाव-शुक्र + बुध
राहु स्वभाव-मंगल + बुध
नीच घर  : पहला घर में
उच्च घर  : सातवें में
समय : पूरी रात और अंधेरा दिन
दिन : शनिवार
कष्ट  : खाँसी,पेट पीड़ा ,नजर
गुण  : चालाकी , देखना-भालना , मौन
धातु  : लोहा , फौलाद,कोयला,नीलम
देवता  : भैरव
मंत्र  : ऊँ शं शनैश्चराय नमः

राहु ग्रह

अपना घर  : 12
मंद घर : 1,2,5,7,12
श्रेष्ठ घर  : 3,4,6
रंग  : नीला
सम ग्रह  : बृहस्पति, चन्द्र
मित्र ग्रह  : शनि, बुध, केतु
शत्रु ग्रह  : सूर्य, मंगल, शुक्र
बनावटी ग्रह
उच्च : मंगल + शनि
नीच : सूर्य + शनि
नीच घर  : 8,9,11
उच्च घर  : 3,6
दिन : रविवार
समय  : दोपहर
कष्ट : बुखार
गुण  : सोचना, विचारों की बिजली,डरना
धातु  : सिक्का,नीलम,गोमेद
देवता : सरस्वती
निवास  : सन्नाटा,पाताल,वीरान जगह
मंत्र  : ऊँ ऐं ह्रीं राहवे नमः


केतु ग्रह

अपना घर : 6
मंद घर  : 7,8,11
श्रेष्ठ घर  : 3,6,9,10,12
रंग  : सफेद, काला
सम ग्रह  : बृहस्पति,सूर्य,शनि,बुध
मित्र ग्रह  : शुक्र, राहु
शत्रु ग्रह  : चन्द्र,मंगल
उच्च : 5,9,12
नीच : 6,8
बनावटी ग्रह :
उच्च =शुक्र + शनि
नीच = चन्द्र + शनि
दिन  : रविवार
कष्ट  : मूत्र सम्बंधित रोग,जोड़ों में दर्द
समय  : सुबह
धातु  : लहसुनिया,  दोरंगा पत्थर
गुण  : सुनना, पैर की हलचल
निवास  : पलंग, स्वर्ग
देवता  :  गणेश जी
मंत्र :ऊँ ह्रीं केतवा नमः

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